अब तक चुप बैठे अब तो कुछ है बोलना
कुछ तुम बोलो कुछ हुम बोलें, ओ ढोलना
मर जाना था ये भेद नहीं था खोलना
ओ ढोलना
दो चार कदम पे तुम थे
दो चार कदम पे हम थे
दो चार कदम ये लेकिन
सौ मीलों से क्या कम थे
फिर उसपे कदम कदम पे, दिल का डोलना
हाय डोलना
ओ ढोलना ...
लो जीत गये तुम हमसे
हुम हार गये इस दिल से
आया है आज लबों पे
ये प्यार बड़ी मुशकिल से
इस प्यार में हमको पागल न कर छोड़ना
न छोड़ना
ओ ढोलना ...
Date de génération : 2008-10-19 00:38+0200 ― Mentions légales.