कोई मिल गया, कोई मिल गया
मुझको क्या हुआ है, क्यों मैं खो गया हूँ
पागल था मैं पहले, या अब हो गया हूँ
बहकी हैं निगाहें और बिखरे हैं बाल
तूने बनाया है क्या अपना ये हाल
कोई मिल गया, मेरा दिल गया
क्या बताऊँ यारों, मैं तो हिल गया
कोई मिल गया, मिल ही गया, मिल गया
जाने क्या हो गया है मुझे
दीवाना लोग कहने लगे
ये दीवनगी है क्या
हमें भी तो हो पता
तुमको क्या हो गया
अरे, कल तक मुझको सब होश था
दिल में खुशियों का जोश था
फिर ये बेचैनी है क्यों
फिर ये बेताबी है क्यों
क्या कोई खो गया
कोई मिल गया ...
बादल बनकर कौन आ गया
कौन है जो दिल पे यूँ छा गया
चाहूँ कि बताऊँ में
फिर भी कह न पाऊँ मं
नाम उसका है क्या
ओ नाम न लो पर कुछ तो कहो
हल्का सा कोई इशारा तो दो
मेरी आँखों में है वो
मेरी साँसों में है वो
और कहूँ तुमसे क्या
कोई मिल गया ...
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