कभी खुशि कभी ग़म(PDF)


कभी ख़ुशी कभी ग़म
ना जुदा होंगे हम
कभी ख़ुशी कभी ग़म आ आ

मेरी साँसों में तू है समाया
मेरा जीवन तो है तेरा साया
तेरी पूजा करूँ मैं तो हरदम
ये हैं तेरे करम
कभी ख़ुशी कभी ग़म

सुबह-ओ-शाम चरणों में दिये हम जलाएँ
देखें जहां भी देखें तुझको ही पाएँ
इन लबों पे तेरा बस तेरा नाम हो
प्यार दिल से कभी भी न हो कम
ये हैं तेरे करम
कभी ख़ुशी कभी ग़म

ये घर नहीं है मंदिर है तेरा
इस में सदा रहे तेरा बसेरा
ओ ये घर नहीं है मंदिर है तेरा
इस में सदा रहे तेरा बसेरा
खुश्बुओं से तेरी ये महकता रहे
आए जाए भले कोई मौसम
ये हैं तेरे करम
कभी ख़ुशी कभी ग़म

मेरी साँसों में ...

कभी ख़ुशी कभी ग़म
ना जुदा होंगे हम
कभी ख़ुशी कभी ग़म

तेरे साथ होंगी मेरी दुआएँ
आएँ कभी ना तुझ पे कोई बलाएँ
मेरा दिल ये कहे तू जहाँ भी रहे
हर घड़ी हर ख़ुशी चूमे तेरे कदम

ये हैं तेरे करम
कभी ख़ुशी कभी ग़म

कभी ख़ुशी कभी ग़म
ना जुदा होंगे हम
कभी ख़ुशी कभी ग़म

क्या बेबसी है ये क्या मजबूरियाँ
हम पास हैं फिर भी कितनी हैं दूरियाँ
जिस्म तू जान मैं तेरी पहचान मैं
मिल के भी ना मिले ये है कैसा भरम

ये हैं तेरे करम
कभी ख़ुशी कभी ग़म
ना जुदा होंगे हम

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