भोली सी सूरत आँखों में मस्ती आए हाए
अरे भोली सी सूरत आँखों में मस्ती दूर खड़ी शरमाए आए हाए
एक झलक दिखलाए कभी कभी आंचल में छुप जाए आए हाए
मेरी नज़र से तुम देखो तो यार नज़र वो आए
भोली सी सूरत ...
लड़की नहीं है वो जादू है और कहा क्या जाए
रात को मेरे ख्वाब में आई वो ज़ुल्फ़ें बिखराए
आँख खुली तो दिल चाहा फिर नींद मुझे आ जाए
बिन देखे ये हाल हुआ देखूं तो क्या हो जाए
भोली सी सूरत ...
सावन का पहला बादल उसका काजल बन जाए
मौज उठे सागर में जैसे ऐसे कदम उठाए
छम से काश कहीं से मेरे सामने वो आ जाए
भोली सी सूरत ...
Date de génération : 2008-10-19 00:38+0200 ― Mentions légales.