उ \: रंग-बिरंगी दुनिया सारी भात-भात के लोग
मिल के बिछड़ना बिछड़ के मिलना सारा है संजोग
देखे जो ऐसे तमाशे हो ओ
फूटे हैं दिल में बताशे हो ओ
( दुनिया के सौ रूप सारे निराले -२
बैठो न तुम ऐसे मन को सम्भाले
प्रेम नगरिया की तुम भी डगरिया चलो
हम तो चले संग तुम भी गुजरिया चलो ) -२
तम धूरक धूरक नम नम नम तम धूरक धूरक नमम मम -२
रुत ने चुनरिया जो लहराई तो लहरा गए रास्ते
अ \: रुत ने चुनरिया जो लहराई तो लहरा गए रास्ते
उ \: हर मोड़ पर है कहानी कोई तेरे-मेरे वास्ते
अ \: राहें गाएँ
दिशाएं गूँजती हैं और गुनगुनाती हैं
हवाएँ जो चलें हमसे ये कहते जाती हैं
राही गुम हो कहाँ आओ-आओ यहाँ
अ \: प्रेम नगरिया की तुम भी डगरिया चलो
उ \: हम तो चले संग तुम भी गुजरिया चलो
दुनिया के सौ रूप सारे निराले -२
बैठो न तुम ऐसे मन को सम्भाले
अ \: प्रेम नगरिया की तुम भी डगरिया चलो
उ \: हम तो चले संग तुम भी गुजरिया चलो
तम धूरक धूरक नम नम नम तम धूरक धूरक नमम मम -२
को \: हो हो ओ -४
उ \: ओ माधो जएत कहाँ हो
को \: ओ माधो कहाँ जात हो
हमरी दुल्हनिया जहाँ हो
उ \: परबत से जा के बदरिया मिली कलियों से भँवरे मिले
अ \: परबत से जा के बदरिया मिली कलियों से भँवरे मिले
उ \: इठलाती बलखाती नदिया चली सागर से मिलने गले
हौले
अ \: हौले
मिलन के गीत जो लहरों में घुल के बहते हैं
उ \: ओ मीठी बोलियों में सारे पंछी कहते हैं
रुत मिलन की है जो कह रही है सुनो
प्रेम नगरिया की डगरिया चलो
हम तो चले संग तुम भी गुजरिया चलो
अ \: दुनिया के सौ रूप सारे निराले
बैठो न तुम ऐसे मन को सम्भाले
उ \: प्रेम नगरिया की तुम भी डगरिया चलो
हम तो चले संग तुम भी गुजरिया चलो
प्रेम नगरिया की तुम भी डगरिया चलो
अ \: तम धूरक धूरक नम नम नम तम धूरक धूरक नमम मम
उ \: तम धूरक धूरक नम नम नम तम धूरक धूरक नमम मम
दो \: तम धूरक धूरक नम नम नम तम धूरक धूरक नमम मम -२
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