प्यार हमको भी है ... चलते\-चलते कैसे ये फ़ासले हो गए(PDF)

अभि \: हूँ ऊँ हूँ हूँ हूँ
प्यार हमको भी है प्यार तुमको भी है तो ये क्या सिलसिले हो गए
बेवफ़ा हम नहीं बेवफ़ा तुम नहीं तो क्यूं इतने गिले हो गए
चलते-चलते कैसे ये फ़ासले हो गए
क्या पता कहाँ हम चले

हूँ ऊँ हूँ हूँ हूँ
प्यार हमको भी है प्यार तुमको भी है तो ये क्या सिलसिले हो गए
बेवफ़ा हम नहीं बेवफ़ा तुम नहीं तो क्यूं इतने गिले हो गए
चलते-चलते कैसे ये फ़ासले हो गए
ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ हो हो हो
क्या पता कहाँ हम चले
अल \: प्यार हमको भी है ... कहाँ हम चले

को \: हो हो हो -२

अ \: दुनिया जो पूछे तो क्या हम कहें कोई ये हमको समझा दे
ठेस लगी तो पल में टूट गए शीशे के थे क्या सब वादे
अभि \: जाता है कोई क्यूं सपनों को ठुकरा के
पाएगा ये दिल क्या किसी को बता के
चलते-चलते राख हम बिन जले हो गए
अल \: ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ हो हो हो
बुझ गए दिये प्यार के
अभि \: प्यार हमको भी है प्यार तुमको भी है तो ये क्या सिलसिले हो गए

अल \: डूब गया है जैसे दर्द में दिल आँसू भरी हैं अब आँखें
अभि \: तनहाइयों की जो रुत आ गई उजड़ी हुई हैं सब राहें
अल \: सोचा था पायेंगे दोनों इक मंज़िल को
अभि \: राहें जो बदलीं तो तुम ही बता दो
चलते-चलते गुम कहाँ क़ाफ़ले हो गए
अल \: ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ हो हो हो
खो गए कहाँ रास्ते
अभि \: प्यार हमको भी है प्यार तुमको भी है तो ये क्या सिलसिले हो गए
अल \: बेवफ़ा हम नहीं बेवफ़ा तुम नहीं तो क्यों इतने गिले हो गए
चलते-चलते कैसे ये फ़ासले हो गए
अभि \: हूँ हूँ हूँ हूँ हो ओ ओ
क्या पता कहाँ हम चले
अल \: हूँ
क्या पता कहाँ हम चले

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