रोशनी से भरे भरे नैना तेरे(PDF)

रोशनी से भरे भरे
भरे भरे नैना तेरे
छू के बोलें न छूना मुझे

सपनों से भरे भरे
भरे भरे नैना तेरे
छू के बोलें न छूना मुझे

ढूँढा है ढूँढा है तुझे आकाश ऊपर तले
शायद किसी बदरी में लिपटी हुई तू मिले
आ ढूँढा है ढूँढा है तुझे आकाश ऊपर तले
शायद किसी नदिया पे चलता हुआ तू मिले
रोशनी से ...

मैने समय से रोक के तेरा पता पूछा है
नीली नदी से कह के सागर तले ढूँढा है
ओ लहरों पे चलते हुए पानी के फन छूते हैं
जैसे तेरे ये हाथ हो मेरा ये तन छूते हैं
रोशनी से ...

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